जीवन में अगर सफल होना है तो चलते रहो

आज हम आपको बहुत ही बढ़िया ज्ञान की बातें बताने वाले है जिसको पढ़ कर आप भी सफलता की और चलेंगे | दोस्तों वैसे तो आपको इंटरनेट में बहुत सारी बातो को बताया जाता है लेकिन आप उसमें कितना अम्ल करते है यह आप पर निर्भर करता है | आज हम आपको एक पुरानी कहानी के बारे में बताने वाले है जिसको पढ़ कर आपके मन में एक नया जूनून और हौसला बढ़ जायेगा |

motivational stories in hindi

हम आपको खरगोश और कछुए की कहानी बताने वाले है इस कहानी को पढ़ को आपके मन में कुछ नया करने का हौसला जग जायेगा | कहानी  की  शुरुआत  करते है…

 

एक बार खरगोश को अपनी तेज़ चाल पर घमंड हो  गया और  सबके साथ वो रेस लगाने लगा और हर बार वो जितने लगा, फिर क्या था उसको अपनी तेज़ चाल पर घमंड हो गया और उसने एक बार सोचा क्यों न एक रेस को बहुत बड़े अंतर से जीता जाये और इस बार उसने कछुए को चुना रेस के लिए, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है की कछुआ भी रेस के लिए मान  गया | दोनों की रेस सुरु हुई जिसको देखने के लिए सभी जानवर वहा आ गए | खरगोश बहुत तेज़ी से भागा और इतनी तेज़ भागा की कछुआ उसके आस पास भी नहीं था | फिर कुछ देर बाद खरगोश रुक  गया और सोचने लगा की कछुआ अभी तक यहाँ पर आया ही नहीं है चलो थोड़ी देर के लिए आराम कर लू….

 

जैसे ही खरगोश आराम करने के लिए बैठा उसके मन में एक सवाल आया की क्यों न रेस को पूरा करने के बाद ही आराम करू लेकिन फिर सोचा की जब दोनों आमने सामने होंगे तभी उस कछुए को हारने में मज़ा आएगा और फिर वो एक पैड के निचे बैठ गया और तभी उसकी आँख लग गयी और उसको बड़ी तेज़ नींद आ गयी और वो सो गया | कछुए ने चलना सुरु किया और चलते ही रहा लेकिन इसमें एक खास बात यह है की कछुए ने ये नहीं सोचा की में रेस को हार चूका होंगे और अब चलने से क्या फायदा होगा ? वो चलता गया और देखा की खरगोश तो सो रहा है उसको देखकर भी वो नहीं रुका और चलता ही रहा | और अंत में रेस की लाइन को उसने पार कर ली बाद में खरगोश की आँख खुली तो उसने अपने चारो और देखा सभी जानवरो ने उस खरगोश को घेर रखा था और मनो उससे यह बोल रहे थे की तुझे क्या हुआ फिर खरगोश ने लाइन पर देखा तो उसके होश ही उड़ गए | कछुआ रेस को जीत चूका था | इस कहानी से हम को क्या सीख मिलती है की हमेशा चलते रहना चाहिए चाहे कुछ भी क्यों न हो जाये |

 

दोस्तों इस कहानी को लिखने का मतलब सिर्फ यह ही है की आपको हमेशा चलना होगा चाहे कुछ भी परिस्थिति  ही क्यों न हो जैसे कछुआ चलता रहा अगर वो ये सोच लेता की में इस रेस को हर चूका हु चलने से क्या फायदा होगा तो शायद वो चल ही नहीं पाता | और उसके रेस में खुद ही हिस्सा लिया जबकि  उसका प्रतिद्वंदी उससे बहुत तेज़ था लेकिन उसके अंदर हौसला था जितने का नहीं सिर्फ मुझे ये काम करना है इस बात का |

 

दोस्तों  ठीक ऐसे ही आपको अपने अंदर हौसला जगाना होगा क्युकी अभी नहीं तो फिर कभी नहीं | और अपनी  हार या जीत के बारे में मत सोचो बस चलते रहो, चलते रहो…

 

आपको यह पोस्ट कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये हमे आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा | अगर आपके पास थोड़ा सा समय है तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरूर शेयर करे |

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *